सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज

 

सुषमा स्वराज (जन्म : १४ फरवरी १९५२) भारत कीभारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गई हैं। सम्प्रति वे भारत की पन्द्रहवींलोकसभा में प्रतिपक्ष की नेत्री हैं। इसके पहले वे केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में रह चुकी हैं तथादिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही हैं। वे सन २००९ के लोकसभा चुनावों के लियेभाजपा के १९ सदस्यीय चुनाव-प्रचार-समिति की अध्यक्ष भी रहीं थी। अम्बाला छावनीमें में जन्मी सुषमा स्वराज ने एस.डी. कालेज अंबाला छावनी से बीए की डिग्रीली। पढ़ाई समाप्त होने के बादजयप्रकाश नारायण के आंदोलन में साथ लगने वाली सुषमा ने राजनीति के मैदान में पूरी तरह सेकूद जाने का फैसला कर लिया और आपातकाल का पुरजोर विरोध किया। वे सक्रियराजनीति से जुड़ीं और सुख-दुख सभी तरह के मोड़ देखे।

 

राजनीतिक करियर

 

आपातकाल के बाद उन्होंने दो बारहरियाणा विधानसभा का चुनाव जीता और चौधरी देवी लाल की सरकार में से १९७७ से ७९ के बीच राज्यकी श्रम मंत्री रह कर २५ साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने का रिकार्डबनाया था।[1] १९७० में उन्हें एस.डी. कालेज में सर्वश्रेष्ठ छात्रा के सम्मान सेसम्मानित किया गया था। वे तीन साल तक लगातार एस.डी. कालेज छावनी की एनसीसीकी सर्वश्रेष्ठ कैडेट और तीन साल तक राज्य की श्रेष्ठ वक्ता भी चुनी गईं।पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा १९७३ में उन्हें सर्वोच्च वक्ता का सम्मान भी मिला। भाजपा मेंराष्ट्रीय मंत्री बनने वाली पहली महिला सुषमा के नाम पर कईं रिकार्ड बनेहैं। १३ जुलाई, १९७५ को स्वराज कौशल के साथ उनका विवाह हुआ था।[2] वे भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने वाली पहली महिला हैं, वे केबिनेटमंत्री बनने वाली भी भाजपा की पहली महिला हैं, वे दिल्ली की पहली महिलामुख्यमंत्री थीं और भारत की संसद में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार पानेवाली पहली महिला भी वे ही हैं।[3]

 

वर्तमान

 

वर्तमान में वेमध्य प्रदेश कीविदिशा सीट से लोकसभा की सदस्या चुनी गई हैं। वे विदेशी मामलों में संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षा भी हैं।१९५७ में उनका विवाहस्वराज कौशल के साथ में हुआ था। जो छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे साथ हीमिजोरम मेंराज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करनेवाले व्यक्ति हैं। सुषमा स्वराज और उनके पति की उपलब्धियों के ये रिकार्डलिमका बुक आफ व‌र्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करते हुए उन्हें विशेष दंपत्ति कास्थान दिया गया है। स्वराज दंपत्ति की एक पुत्री है, जो वकालत कर रही हैं।हरियाणा सरकार में श्रम व रोजगार मंत्री रहने वाली सुषमा छावनी से विधायक बनने केबाद में लगातार आगे ही बढ़ती गईं और बाद में दिल्ली पहुँचकर उन्होंनेदिल्ली की राजनीति में ही सक्रिय रहने का संकल्प लिया था।

 

 

 

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