दलित विरोधी बयान के खिलाफ आशीष नंदी पर मुकदमा

जयपुर। जयपुर साहित्‍य महोत्‍सव में शनिवार को राजनीतिक चिंतक आशीष नंदी के बयान पर जमकर हंमागा हुआ। नंदी ने कहा था कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्‍य पिछड़ा वर्ग समुदायों के लोग सबसे ज्‍यादा भ्रष्‍ट होते हैं। इस टिप्पणी के कुछ घंटों बाद ही नंदी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 506 आपराधिक धमकी और अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति मंच के अध्यक्ष राजपाल मीणा ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस से इस मामले की जांच करने की मांग की जा रही है। नंदी ने महोत्‍सव में चर्च के दौरान कहा था कि यह हकीकत है कि अधिकतर भ्रष्ट लोग अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जातियों से आते हैं और अब तो अनुसूचित जनजाति के लोग भी भ्रष्ट होने लगे हैं। उन्‍होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि सबसे कम भ्रष्‍टाचार वाला राज्‍य पश्चिम बंगाल है, जहां माकपा की सरकार थी। उस राज्य में पिछले 100 सालों में अजा, अजजा या ओबीसी का कोई व्यक्ति सत्ता के करीब नहीं पहुंचा। उनके इस बयान पर दर्शक दीर्घा में बैठे पत्रकारों सहित कई लोगों ने आपत्ति जताई। वरिष्‍ठ पत्रकार आशुतोष ने कहा कि यह मेरा सुना हुआ सबसे अनोखा बयान है। नंदी के बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती और लोजपा नेता राम विलास पासवान ने कड़ा विरोध जताते हुए नंदी के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। मायावती ने नंदी को तुरंत जेल भेजे जाने की मांग की। नंदी के बयान की भाजपा, जदयू, माकपा और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पूनिया ने भी कड़ी निंदा की है।

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