सर्व शिक्षा अभियान : आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तीन हजार करोड़ रूपए से अधिक की कार्ययोजना अनुमोदित

मुख्य सचिव श्री सुनिल कुमार ने प्रदेश के सभी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों में शौचालय. पेयजल. निःशक्त बच्चों के लिए रैम्प और विद्युतीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्री सुनिल कुमार ने उक्त निर्देश आज यहां मंत्रालय में आयोजित राजीव गांधी शिक्षा मिशन की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में दिए । बैठक में सर्व शिक्षा अभियान की आगामी वित्तीय वर्ष 2013-14 की प्रस्तावित कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस कार्ययोजना में विभिन्न मदों में लगभग तीन हजार 62 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री डी.एस. मिश्रा, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री आर.एस. विश्वकर्मा. सचिव आदिम जाति कल्याण विभाग श्री मनोज पिंगुआ, सचिव स्कूल शिक्षा श्री के.आर. पिस्दा, सचिव महिला एवं बाल विकास श्री सुब्रत साहू, निदेशक सर्व शिक्षा अभियान भारत सरकार श्रीमती मनिंदर कौर द्धिवेदी, संचालक जनसम्पर्क श्री सोनमणि बोरा, प्रबंध संचालक सर्व शिक्षा अभियान श्रीमती रीना कंगाले. संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद श्री अनिल राय सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
    बैठक में प्रबंध संचालक सर्व शिक्षा अभियान श्रीमती रीना कंगाले ने कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कार्यों, चालू वित्तीय वर्ष की अभी तक की उपलब्धियों तथा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि अगले वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य में एक सौ 65 नये स्कूल खोलने का प्रस्ताव किया गया, जिसमें 78 प्राथमिक तथा 87 पूर्व माध्यमिक शालाएं शामिल हैं। इसी प्रकार कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरित करने के लिए 55 करोड़ 31 लाख रूपए का प्रावधान इस कार्ययोजना में किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में एक लाख 88 हजार से अधिक शिक्षकों को दस दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही विभाग के 45 हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने का भी लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक 79 हजार 761 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। अगले वित्तीय वर्ष में राज्य के 27 लाख 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शाला गणवेश के दो-दो सेट दिए जाएंगे। इसके लिए 136 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि कक्षा एक से आठवीं तक की अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की बालिकाओं को राज्य शासन द्वारा शाला गणवेश दिया जाता है। इन कक्षाओं की शेष सभी बालिकाओं को सर्व शिक्षा अभियान से शाला गणवेश प्रदान किए जाते हैं। इसी प्रकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बालकों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत शाला गणवेश दिया जाता है।
    अधिकारियों ने बताया कि समावेशी शिक्षा योजना के तहत 91 हजार 257 निःशक्त स्कूली बच्चों को लाभान्वित किया जाएगा। योजना के तहत दृष्टिबाधित बच्चों की आंखों का आपरेशन भी किया जाता है और  अस्थिबाधित बच्चों को उनकी सुविधा के लिए कृत्रिम उपकरण दिए जाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए प्रदेश के 36 हजार 750 स्कूलों में रैम्प बनाए गए हैं। स्माइल ट्रेन कार्यक्रम के तहत 164 बच्चों के कटे-फटे होठों का आपरेशन किया गया। अगले वित्तीय वर्ष में बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा देने के लिए 13 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में  12 सौ 46 दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को ब्रेललिपि से संबंधित पुस्तकें वितरित की गयी। अभी तक 47 हजार 620 स्कूलों के सभी बच्चों की आंखों का परीक्षण स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से कराया गया।

 

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