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जापान में सागर के नीचे 7.3 की तीव्रता का भूकंप का जोरदार झटका आने के बाददेश के पूर्वोत्तर तट पर सुनामी अलर्ट जारी किया गया है। भूकंप का झटकाइतना शक्तिशाली था कि इसने इमारतों को हिलाकर रख दिया।
   
 यह क्षेत्र मार्च 2011 की सुनामी में बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इसनेपूर्वोत्तर के तटीय हिस्से में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें हजारों लोगमारे गए थे।
   
सुनामी शामपांच बजकर 40 मिनट (जीएमटी समयानुसार 8 बजकर 40 मिनट) पर आने की उम्मीद है।

 

बीजिंग। चीन ने जापान का साफ संदेश दे दिया है कि वह द्वीपों पर नियंत्रण के लिए उससे डटकर मुकाबला करेगा। चीन का यह बयान विवादित द्वीपों के वायु क्षेत्र में जापानी लडाकू विमानों का चीन के गश्ती विमान से सामना होने के एक दिन बाद आया है।

चीन ने टोक्यो पर द्वीप खरीदकर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग लेइ ने संवाददाताओं से कहा कि हम जापान द्वारा दियाओसु द्वीपों की अवैध खरीद का विरोध करते हैं। वह विदेश मंत्री यांग जिएची की टिप्पणियों से संबंधित एक सवाल का जवाब दे रहे थे। विदेश मंत्री ने कहा कि चीन द्वीपों को लेकर जापान का डटकर मुकाबला करेगा।

हांग ने कहा, जापानी पक्ष की कार्रवाई ने युद्ध के बाद के अंतरराष्ट्रीय आदेश का उल्लंघन किया है। जापान के लडाकू विमानों द्वारा शुक्रवार को चीन के एक गश्ती विमान को घेरकर उसे वापस भेजने के बारे में हांग ने कहा कि निर्जन द्वीप, इससे जुडे द्वीप, वायु क्षेत्र और जल क्षेत्र चीन की संप्रभुता का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस साल सितंबर से जापान ने चीन के दियाओयु द्वीपों के जल क्षेत्र में बार-बार पोत और विमान भेजे हैं। हम इसका कडा विरोध करते हैं। जापान ने इस मामले में चीन के साथ राजनयिक विरोध जताया है।

मेक्सिको सिटी। यहां न्यायालय ने छह महिलाओं की हत्या के दोषी सीरियल किलर को 240 वर्षो की जेल की सजा सुनाई है। राज्य के अटार्नी जनरल कार्यालय ने समाचार एजेंसी ईएफई को बताया कि सीजर अरमांडो लिब्राडो लेगोरेटा को प्रत्येक हत्या के लिए 40 वर्षो की सजा सुनाई गई है।

एक सूत्र ने बताया कि पीडितों के परिवारों द्वारा दायर मुकदमे का फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने लेगोरेटा को 20,012 डॉलर का जुर्माना भी किया है। इसके अलावा उसे मुआवजे के तौर पर 44,547 डॉलर की अतिरिक्त राशि का भुगतान भी करना होगा। लेगोरेटा (29) को इसी वर्ष फरवरी में फरार हो जाने के बाद तीन मार्च को दोबारा पकड लिया गया था।

उसने सिटी बस चालक के तौर पर काम करते हुए पहले पीडितों का विश्वास जीता और बाद में उनकी हत्या कर दी। लेगोरेटा ने दोबारा से गिरफ्तारी के बाद स्वीकार कर लिया था कि उसने जिन भी महिलाओं का बलात्कार किया, वे सभी युवा थी और उसने बाद में पुलिस में रपट के डर के कारण उनकी हत्या कर दी।

 

भुखमरी से ज्यादा मौतें मोटापे की वजह से हो रही है। इस सर्वे को अभी तक के सबसे बड़े स्वास्थ्य अध्ययनों में से एक बताया जा रहा है। 
 
 
सर्वे में 2010 में हुई मौतों  के  कारणों का विश्लेषण किया गया और फिर उनकी तुलना बीस साल पहले जुटाए गए आंकड़ों से की गई। 20 साल पहले पोषण का अभाव बीमारियों का मुख्य कारण होता था।
 
 
अध्ययन में पता चला है कि 2010 में दुनिया में मोटापे के कारण 30 लाख से ज्यादा मौतें हुईं जो कुपोषण से हुई मौतों से तीन गुना ज्यादा है। हालांकि रिपोर्ट कहती है कि अफ्रीका में कुपोषण अब भी असमय मौतों का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। 
 
 
 
इस अध्ययन रिपोर्ट के एक सह लेखक और क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एलन लोपेज का कहना है कि अध्ययन के नतीजे हैरान करने वाले हैं। एलन के अनुसार उन्होंने सभी प्रमाण देखे और कुपोषण के सभी प्रभावों पर नजर डाली।
 
 
 
खासतौर से बच्चों के बीच किए गए सर्वे में पाया गया है कि पिछले दो दशकों के दौरान कुपोषण का प्रभाव घट रहा है। ये एक बड़ी गिरावट है। लेकिन मोटापे की वजह से होने वाली बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।लोपेज के अनुसार मोटापा जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से बढ रहा है ।
 
 
ये सिर्फ अमीर देशों की समस्या नहीं है, पिछले दशकों में मोटापा लगातार बढ़ रहा हैं। हैरानी वाली बात ये भी है कि विकासशील देशों में भी मोटापा एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। 
 
 
 
सिर्फ अमीर नहीं, विकासशील देश भी परेशान
 
एलन के अनुसार मोटापा सिर्फ अमीर देशों में नहीं बल्कि विकासशील देशों में भी एक बड़ी समस्या बन रहा है। प्रोफेसर एलन लोपेज कहते हैं कि सिर्फ अमीर देशों की समस्या नहीं है, हमने देखा कि पिछले दशकों में मोटापा लगातार बढ़ रहा है। हमारे लिए हैरानी वाली बात ये है कि विकासशील देशों में भी मोटापा चुनौती बन रहा है।  बेशक वहां ये समस्या अमीर देशों जितनी गंभीर नहीं है। लेकिन लगातार बढ़ रही है।

संयुक्त राष्ट।उत्तर कोरिया के कल प्रक्षेपित राकेट के मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्टÑ सुरक्षा परिषद के सदस्यों की बैठक में इसकी निंदा की है। संयुक्त राष्ट महासचिव बान की मून ने तो इसे भड़कावे वाली कार्रवाई बताया है। सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि सुरक्षा परिषद इस मसले की जोरदार निंदा करेगा और फिर एक प्रस्ताव को पारित किए जाने की मांग भी की। फ्रांस के राजदूत गेरार्ड अराड ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा हम सुरक्षा परिषद की ओर से एक कड़े निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते है क्योंकि राकेट प्रक्षेपण सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है लेकिन हमें यह देखना है कि हमारे सहयोगी देश क्या चाहते हैं। उसके खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी गौर किया जाएगा। ब्रिटिश राजदूत मार्क ल्याल ग्रांट ने कहा कि जहां तक हमारा  रूख है तो परिषद को तत्काल कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

बेरूत। सीरिया के राष्टपति बशर अल असद के समर्थक अलावाइट समुदाय के गांव को निशाना बनाकर किए गए हमले में 200 लोगों के घायल होने अथवा मारे जाने की खबर है। अब तक हमला करने वाले गुटों की पहचान नहीं हो पाई है। राहत एवं बचाव कार्यकर्ताओं ने 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। उधर विपक्षी पार्टी से संबद्ध संगठन सीरियन आब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि कल हुए धमाकों में कम से कम 125 लोग मारे गए हैं या घायल हुए हैं। ये धमाके अगरेब क्षेत्र में हुए जिनमें कई घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। अन्य कार्यकर्ताओं ने इन हमलों के लिए राष्टÑपति की सेनाओं को दोषी ठहराया है। इनका कहना है कि गोलाबारी उस घर को निशाना बनाकर की गई जहां अलवाइट समुदाय के कम से कम 200 लोग छिपे हुए थे। उधर विद्रोही ने बताया कि इस क्षेत्र में विद्रोही छापामारों और सरकारी सेना के बीच चार दिनों से लड़ाई चल रही थी। विद्रोहियों ने इमारत को घेर लिया था, लेकिन असद समर्थक सेनाओं ने वहां छिपे लोगों, बच्चों और महिलाओं को ढाल की तरह इस्तेमाल किया। वहां कम से कम 200 लोग थे और विद्रोहियों ने सैनिकों से इन्हें छोड़ने को कहा, लेकिन बातचीत असफल रहने के बाद गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान घायल हुए कुछ बच्चों को अल होला के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दुबई। पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात शहर में ईरान विरोधी प्रदर्शनों के बाद ईरान ने वहां स्थित अपने वाणिज्य दूतावास को बन्द कर दिया है। सरकारी संवाद समिति इरना के मुताबिक ये विरोध प्रदर्शन वाणिज्य दूतावास के बाहर कल किए गए। प्रदर्शनकारी, ईरानी पुलिसकर्मियों की गोलीबारी में प्रवासी अफगानियों के मारे जाने की घटना पर रोष व्यक्त कर रहे थे। ईरानी अधिकारियों ने इस घटना की औपचारिक शिकायत अफगानिस्तान सरकार से की है। इरना ने कहा कि ईरानी अधिकारियों ने अफगानिस्तान सरकार से भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को कहा है। अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने पिछले माह आरोप लगाया था कि हेरात सीमा से ईरान में जाने का प्रयास कर रहे 13 प्रवासी अफगानियों पर ईरान पुलिस ने गोलीबारी की थी। इसमें 13 अफगानी मारे गए थे। हालांकि ईरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

अल्जीरिया का बंधक संकट ख़त्म हो गया है. निर्णायक सैन्य कार्रवाई में 11 अपहर्ता मारे गए जबकि अपहर्ताओं ने सात बंधकों की हत्या भी कर दी. लेकिन कई विदेशी कर्मचारी अब भी लापता हैं.
अल्जीरियाई सेना का कहना है कि आखिरी कार्रवाई में उसके सैनिकों ने गैस संयंत्र में मौजूद 11 इस्लामी चरमपंथियों को मार दिया है. सेना का ये भी कहना था कि अपहर्ताओं ने बचे सात विदेशी बंधकों की सैनिक कार्यवाई के दौरान हत्या कर दी.
चार दिन तक चले इस घटना में में कुल मिलाकर 23 बंधक और 32 अपहर्ता मारे गए. मारे गए बंधकों में से कुछ की नागरिकता के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ के खिलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी के परिजनों ने उनकी मौत की जांच की मांग की है.
पिछले शुक्रवार कामरान फ़ैसल को इस्लामाबाद के सरकारी हॉस्टल के एक कमरे में लटकता हुआ पाया गया था जहां वो रहते थे.
अधिकारियों के अनुसार अंतरिम पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने खुदकुशी की थी.लेकिन उनके परिवार वालों का कहना है कि फै़सल के शरीर पर दूसरे चोटों के भी निशान थे. फ़ैसल के पिता ने इस मौत की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है.पुलिस का कहना है कि वो मौत के सभी कारणों की तहक़ीक़ात कर रहे हैं जिनमें संभावित हत्या भी शामिल है.मंगलवार को पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे.उन पर 2010 में जल और ऊर्जा मंत्री रहते हुए रिश्वत लेने के आरोप लगे थे, जिनको वो नकारते रहे हैं.
चोट के निशान: फ़ैसल पाकिस्तान के भ्रष्टाचार निरोधी संस्था 'नेशनल एकांउटिब्लिटी ब्युरो' के लिए काम करते थे.उनके चाचा तारिक मसूद ने कहा कि दफ़न करने से पहले फै़सल के शरीर पर चोट के निशान देखे गए थे.उन्होंने कहा, "उनके कलाई पर कुछ इस तरह के निशान थे मानो उन्हें बांधा गया हो. उनके पीठ पर और गर्दन पर भी चोट के निशान थे."लेकिन पोस्ट मॉर्टम के बाद जांच करने वाले आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. शरीफ़ अस्तोरी ने कहा, "शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे, सिवाए गर्दन पर जहां रस्सी के निशान थे."पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा अशरफ़ को ऐसे समय में गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए थे जब सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन भी हुए.

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